Posts Tagged "Bacchon Ki Kahani"

29Apr2021

बच्चों को मोटीवेट करती बाल कहानी : प्रार्थना की महिमा- एक गांव में एक प्रभु भक्त नाविक रहता था। वह रोज सवेरे उठ कर, नहा धोकर मंदिर जाता और पूजा करने के बाद नाव लेकर यात्रियों को नदी के इस पार से उस पार और उस पार से इस पार पहुँचाता था। खाली वक्त में वो बस ईश्वर का नाम जपता रहता था। उसकी इतनी ईश्वर भक्ति देखकर गाँव के लोग हैरान रह जाते थे।

28Apr2021

शिक्षा देती बाल कहानी : लालच का फल:- एक धोबी अपने गधे से बहुत प्यार करता था। वह हमेशा उसे फूलों की माला से सजाता था। एक दिन जब धोबी कपड़ों का गट्ठर धो कर वापस घर लौट रहा था तो रास्ते में उसे एक बड़ा सा चमकता पत्थर पड़ा हुआ दिखा। उसने उसे उठा लिया। पत्थर बहुत ही चमकीला और सुंदर था। धोबी ने उसे एक रस्सी से बांधकर गधे के गले में पहना दिया। गधा और ज्यादा सजीला दिखने लगा।

24Apr2021

जंगल की कहानी : रानू का जन्मदिन :- रानू एक बहुत अच्छा हिरण था। बस एक ही बुरी आदत थी रानू की, वह अपने ऊपर कुछ जरूरत से अधिक ही भरोसा करता था। किसी भी काम को ठीक से सोचे समझे बिना उसे जल्दबाजी से कर डालता था। इसी कारण उसे कई बार नुकसान उठाना पड़ता था।

18Mar2021

जंगल कहानी (Jungle Story) धोखा देने का फल :  प्राचीन काल की बात है। चन्दन वन का राजा जबरू शेर मर गया तो उन्होंने नये राजा का चुनाव किया। शेरूमल को सभी सिंहों ने अपना राजा चुना। नये पद पर आकर शेरूमल ने सोचा कि अब मुझे इनके विश्वास की रक्षा करनी चाहिए। मुझे अपना समय प्रजा की भलाई में ही लगाना चाहिए।

18Feb2021

खलीफा उमर बड़े नेक व दयालु प्रशासक थे। अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए वे भेष बदलकर रात को घूमा करते थे। एक रात को वह गश्त कर रहे थे कि एक घर सें बच्चों के रोने की आवाज सुनी। वे बच्चें के चुप होने की प्रतीक्षा करते रहे। जब बहुत देर तक उनके रोने की आवाज बंद नहीं हुई तो उन्होंने आंगन में झाँककर देखा।

1Feb2021

जंगल कहानी (Hindi Jungle Story) नये साल का अमूल्य उपहार:  रोमिका जंगल का शासक ‘राॅकी शेर’ प्रति वर्ष नये साल पर खूब खुशियाँ मनाया करता। नये साल की नूतन बेला में वह जंगल के समस्त प्राणियों को दावत देता और विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएँ भी आयोजित करवाता।

2Dec2020

संजय की खुशी का ठिकाना न था। वह आठवीं कक्षा की परीक्षा में प्रथम आया था। खेल कूद में भी उसे कई पुरस्कार मिले थे। स्कूल के हेडमास्टर साहब सक्सेना जी ने, पूरे स्कूल के सामने संजय की प्रशंसा की थी। पुरस्कार हाथ में लिए संजय सोच रहा था कि जब वह घर जाकर अपनी सफलता के बारे में अपने पिता जी को बताएगा तब वे कितने खुश होंगे।

19Sep2020

प्रेरणादायक कहानी : रावण का श्राप लंका नामक स्वर्ण मंडित नगरी की पश्चिमी समरभूमि पर घमासान युद्ध चल रहा था। एक ओर रामचन्द्र जी की वानर सेना डटी थी तो दूसरी ओर लंकाधिपति रावण की भयंकर राक्षसी सेना। दोनों सेनाओं के वीर योद्धा प्राणों से जूझ रहे थे। आज समर भूमि में एक अनोखा कोलाहल और विचित्र उत्तेजना व्याप्त थी। वानर सेना के समरनायक स्वयं प्राभु श्रीराम थे जबकि राक्षसी सेना का हौंसला लंकाधिपति महाबली रावण स्वयं युद्ध का संचालन कर रहा था।

19Sep2020

Jungle Story भगवान का दूत: उल्लू वन में सिर्फ उल्लू ही रहते थे। इसलिए उन्हें यह पता नहीं था कि उनके सिवा कोई ऐसा पंछी होता है जो दिन में भी देख सकता हो।
एक दिन अचानक उल्लू वन में एक काला, लंबी चोंच वाला कौआ आ पहुँचा। उसने चश्मा पहन रखा था। उसकी गर्दन में एक थैला लटक रहा था।
रात होतेे ही वन के उल्लू झुण्ड बनाकर उस विचित्र पंछी को देखने पहुँचे। एक उल्लू ने पास आकर उससे पूछा, आप कौन है? और कहाँ से आये हैं?

5Sep2020

जी हा! आशा और निराशा दोनों सखियां प्रतिस्पर्धा की भावना से प्रेरित होकर जीवन-पथ पर निरन्तर दौड़ लगाती रहती हैं। कभी आशा आगे निकल जाती है तो कभी निराशा बाजी मार ले जाती हैं। जब आशा जीतने लगती है तो मनुष्य बहुत महत्त्वाकांक्षी हो जाता है। साथ ही अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिये वह जी-जान से परिश्रम करता है। वह सोचने लगता है। कि मेहनत के बल पर वह अवश्य अपनी मंजिल को पा लेगा। इसके विपरीत जब निराशा विजय होने लगती है। तो मनुष्य जीवन से हार मान लेता है। उसे अपने सभी प्रयत्न बेकार लगने लगते हैं।