कद्दू जी की चली बारात
इस मज़ेदार कविता में सब्जियों की एक अनोखी बारात का वर्णन किया गया है, जिसे पढ़कर बच्चे बहुत आनंदित होंगे। कद्दू जी की बारात निकली और पूरे उत्साह के साथ सब्जियाँ इसमें शामिल हुईं।
इस मज़ेदार कविता में सब्जियों की एक अनोखी बारात का वर्णन किया गया है, जिसे पढ़कर बच्चे बहुत आनंदित होंगे। कद्दू जी की बारात निकली और पूरे उत्साह के साथ सब्जियाँ इसमें शामिल हुईं।
गुब्बारे वाला बच्चों की दुनिया में एक खास आकर्षण होता है। जब वह अपने रंग-बिरंगे गुब्बारों के साथ आता है, तो बच्चों के चेहरे खुशी से चमक उठते हैं। लाल, हरे, नीले, पीले गुब्बारे हवा में ऊंचे उठाए जाते हैं
यह कविता ममता, सच्चाई और एक बच्चे की मासूमियत को दर्शाती है। गुड़िया अपनी झूठी चॉकलेट पर गुस्सा करती है और मम्मी से शिकायत करती है। मम्मी उसे नई चॉकलेट का वादा करती हैं,
यह कविता "लाल टमाटर" और "हरी मिर्ची" के बीच हुए एक मजेदार संवाद को प्रस्तुत करती है। टमाटर अपनी गोल-गोल और आकर्षक रूप-रंग की वजह से बच्चों का प्रिय है। वह खुद को सबसे प्यारा और भाता हुआ बताता है।
ह कविता हमारे घर की खूबसूरती और उसकी महत्ता को दर्शाती है। यह न केवल एक संरचना है बल्कि प्रेम, स्नेह, और सुरक्षा का प्रतीक है। घर हमें हर मुश्किल से बचाता है और सुख-दुख में हमारा साथी होता है।
यह कविता एक मासूम और चंचल बच्ची की कहानी है, जो अपनी टोकरियां भरकर बाजार में आम बेचने जाती है। वह नटखट अंदाज में आम दिखाती है, लेकिन उनके दाम नहीं बताती।
यह कविता सर्दी के मौसम, जिसे "जाड़ा" कहा गया है, के प्रभाव और अनुभवों को बड़े ही रोचक और सरल तरीके से प्रस्तुत करती है। कवि ने जाड़े की ठंड को इस प्रकार व्यक्त किया है कि हर कोई सर्दी की ठिठुरन में "धर-धर" काँप रहा है।