Moral Story: क्षमाशीलता अपनाने की ज़रूरत
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि कुछ विशेष मुद्दों के बारें में लिखना तो बहुत आसान होता है लेकिन व्यवहार मे उन्हीं बातों का अनुसरण करना प्रचार करने की तुलना में कहीं अधिक कठिन होता है।
मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि कुछ विशेष मुद्दों के बारें में लिखना तो बहुत आसान होता है लेकिन व्यवहार मे उन्हीं बातों का अनुसरण करना प्रचार करने की तुलना में कहीं अधिक कठिन होता है।
मेरे भईया यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं, और बस समझ लीजिए कि वे दुनियाँ के आठवें आश्चर्य हैं। छुट्टियों में घर आते ही उनका रोब शुरू हो जाता है। और वह दहाड़-दहाड़ कर कहते हैं, ‘अरे भाई, मैं चिड़िया घर का जानवर थोड़े ही हूँ।
यह उस समय की कहानी है जब मनुष्य ने विद्या और बुद्धि की उन्नति नहीं की थी, जितनी वर्तमान में कर ली है। आजकल इतने बड़े तराजू बन गये हैं, कि हाथी ही क्या मालगाड़ी के सभी डिब्बों का वज़न तोला जा सकता है।
आज अंकल को मौहल्ले के तमाम लड़के घेर कर बैठे थे। कारण यह था कि आज अंकल अपने शिकारी जीवन की सबसे अनोखी दास्तान सुनाने जा रहे थे। वे हर शाम को मौहल्ले के सारे बच्चों को एकत्रित कर उन्हें आश्चर्यजनक सत्य किस्से सुनाते थे।
मल्लू और गल्लू सियार भाई-भाई थे। मल्लू सीधा-सादा और भोला था। वह बड़ा ही नेक दिल और दयावान था। दूसरी ओर गल्लू एक नम्बर का धूर्त और चालबाज़ सियार था। वह किसी भी भोले-भाले जानवर को अपनी चालाकी से बहलाकर उसका काम तमाम कर देता था।
कहते हैं ईश्वर हर जगह स्वंय भौतिक रूप में नहीं रह सकते अतः उन्होने माँ बनाई। माँ के कदमों में जन्नत होती है। ‘माँ’ शब्द में सारे संसार का स्नेह छलकने लगता है। उसके दरबार में सारे गुनाह माफ हो जाते हैं।
विश्वामित्र ने ऋषि, महर्षि और उसके बाद राज ऋषि तक की उपाधि पा ली थी, मगर कोई उन्हें महाऋषि का दर्जा नहीं दे रहा था। जब भी कहीं ऐसी कोई चर्चा चलती, उन्हें यही सुनने को मिलता कि महाऋषि तो वशिष्ठ हैं।