एक छोटी से कहानी - माँ का प्यार
तीन बच्चे आपस में बैठे माँ के प्यार के बारे में चर्चा कर रहे थे कि कौन अपनी माँ को सबसे ज्यादा प्यार करता है। बच्चों की बातें सुनने लायक थीं और हर एक की बात में उनकी माँ के प्रति उनका नजरिया झलक रहा था।
तीन बच्चे आपस में बैठे माँ के प्यार के बारे में चर्चा कर रहे थे कि कौन अपनी माँ को सबसे ज्यादा प्यार करता है। बच्चों की बातें सुनने लायक थीं और हर एक की बात में उनकी माँ के प्रति उनका नजरिया झलक रहा था।
प्राचीन समय में महिलारोप्या नामक राज्य पर राजा अमराशक्ति का शासन था। वह प्रजा के प्रति अत्यंत न्यायप्रिय और बुद्धिमान शासक थे। हालांकि, उन्हें अपने तीन बेटों—बहुशक्ति, उग्रशक्ति, और अनंतशक्ति को लेकर हमेशा चिंता रहती थी।
एक दिन एक जिज्ञासु व्यक्ति भगवान बुद्ध के पास पहुंचा और उनसे जीवन के मूल्य का अर्थ पूछा। बुद्ध ने मुस्कुराते हुए एक चमकदार पत्थर दिया और कहा, "जाओ, इस पत्थर की कीमत पता करो, लेकिन इसे बेचना मत।
बाल कहानी: वरदान- रामनगर में एक पोखर था। वह बरसात के दिनों में खूब भर जाता था, लेकिन सर्दी और गरमी में सूखा रहता था। इस कारण सारी मछलियाँ पाताल लोक में चली जाती थीं।
एक वक्त था जब वाराणसी में ब्रह्मदत्ता का राज हुआ करता था, उसी शहर में लकड़हारा की बस्ती हुआ करती थी। हर दिन लकड़हारा नदी के किनारे पेड़ काटने जाते और जंगल से लकड़ियां लेकर आते थे।
एक समय की बात है, एक सेठ था जिसकी दौलत असीम थी, लेकिन उसकी आत्मा बेचैन थी। वह हर समय चिंतित और असंतुष्ट रहता। उसे किसी ने बताया कि पास के जंगल में एक प्रसिद्ध साधु रहते हैं
बहुत समय पहले की बात है, एक राज्य था जहां राजा रामभद्र राज करते थे। उनकी दयालुता और न्यायप्रियता के कारण प्रजा उन्हें भगवान की तरह पूजती थी। उनका नाम पूरे राज्य में सद्भावना और उदारता का प्रतीक बन गया था।