Jungle Story: छोटों का मूल्य
नन्हा मिक्की चूहा होश संभालने के बाद आज पहली बार अपने बिल से बाहर निकल कर जंगल की विशाल दुनिया में घूमने को निकला। बिल से बाहर आते ही बाहर की तेज रोशनी से उसकी आंखें चकाचौंध होती गईं।
नन्हा मिक्की चूहा होश संभालने के बाद आज पहली बार अपने बिल से बाहर निकल कर जंगल की विशाल दुनिया में घूमने को निकला। बिल से बाहर आते ही बाहर की तेज रोशनी से उसकी आंखें चकाचौंध होती गईं।
भोला भालू ने जंगल में मिठाई की दुकान खोल रखी थी। उसकी मिठाईयां स्वादिष्ट भी होती थीं और बिकती भी खूब थीं। भोला भालू बहुत भोला था। अपने परिवार में तो क्या, आस-पड़ोस में भी यदि कोई जानवर बीमार पड़ जाता तो वह सेवा में लगा रहता।
एक आम के पेड़ पर एक मैना अपने परिवार के साथ रहती थी, उसी पेड़ पर एक सुंदर सफेद बगुला भी अपने परिवार के साथ रहता था। लेकिन वो बहुत घमंडी था, उसे अपने उजले सफेद रंग रूप पर बड़ा गर्व था।
सुन्दरवन विद्यालय का नाम आस पास के जंगलों में भी फैला हुआ था। वहाँ पढ़ने वाले जानवर खूब मन लगाकर पढ़ते थे, अध्यापक भी उन्हें पढ़ाने में अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ते थे।
टिप टॉप वन के राजा शेरू के तीन पुत्र थे। शेरू ने उन्हें सभी तरह की शिक्षा तो दिलाई थी साथ ही युद्ध कला भी विशेषरूप से सिखाई थी, क्योंकि आसपास के वनों के राजा यदा कदा टिप टॉप वन पर आक्रमण कर देते थे।
झुमकू बन्दर अक्सर जासूसी की किताबें पढ़ता रहता था। वह चाहता था कि वह एक महान जासूस बने उसका सारी दुनिया में नाम हो और एक रात उसे जासूसी करने का अवसर हाथ लग ही गया। उस रात वह अपने दोस्त के घर से जन्मदिन की पार्टी से लौट रहा था।
एक दिन एक गधे और लोमड़ी ने शेर के साथ एक समझौता किया कि वह तीनों अपने लिए एक साथ जंगल में खाने की तलाश करेंगे। उन्हें लगा कि एक साथ खाने की तलाश करने से उन्हें कुछ न कुछ खाने को मिल जाएगा और उन्हें भूखा नहीं रहना पड़ेगा।