Motivational Story: ख़ुशी की दस्तक
राहुल एक बेहद नेकदिल न्यूज़ पेपर डिलीवरी बॉय था। हर सुबह ठीक सात बजे, वह घर घर जाकर सबके मेल बॉक्स में समाचार पत्र डालता और फिर अपने घर लौटकर कॉलेज जाने की तैयारी करता था।
राहुल एक बेहद नेकदिल न्यूज़ पेपर डिलीवरी बॉय था। हर सुबह ठीक सात बजे, वह घर घर जाकर सबके मेल बॉक्स में समाचार पत्र डालता और फिर अपने घर लौटकर कॉलेज जाने की तैयारी करता था।
एक दिन एक आदमी अपने गधे पर दो गेहूं की बोरी रखकर बाज़ार की तरफ जा रहा था। थोड़े समय बाद वह थक गया था और आराम करने के लिए वह पेड़ के नीचे बैठ गया। जब वह सोकर उठा तो उसे अपना गधा नहीं दिखा और उसने इधर उधर अपने गधे को ढूंढना शुरू किया।
शिमला के पास पालमपुर नाम का एक छोटा गांव था। उस गांव के लोग साधारण काम करने वाले लोग थे जो अपनी रोज़मर्रा के खर्चे को बहुत मुश्किल से कमाते थे।उस गांव के पास एक छोटा गांव था, जहां पर थोड़े समय में एक छोटा बाज़ार बन गया था।
साइंटिस्ट आइंसटीन के ड्राइवर ने एक बार आइंस्टीन से कहा-'सर, मैने हर बैठक में आपके द्वारा दिए गए हर भाषण को याद किया है। आइंस्टीन ने हैरानी से उसे देखा और कहा -ठीक है, अगले आयोजक मुझे नहीं जानते।
एक दिन एक लड़का समुद्र के किनारे बैठा हुआ था तभी उसे दूर कहीं एक जहाज़ लंगर डाले खड़ा दिखाई दिया। वह उसी पल जहाज तक तैर कर जाने के लिए मचल उठा।
एक नगर का राजा, जिसे ईश्वर ने सब कुछ दिया, पर फिर भी दुःखी रहता था। एक बार वो घुमते घुमते एक छोटे से गाँव में पहुँचा जहाँ उसे एक मिट्टी के बर्तन बनाने वाला व्यक्ति दिखाई दिया।