मज़ेदार कहानी - प्यारा सच
एक बार, जैष्ठदेवी (गरीबों की देवी) और लक्ष्मी जी (धन की देवी) के बीच यह चर्चा छिड़ गई कि कौन ज्यादा सुंदर है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों इसे सुलझाने के लिए धरती पर एक व्यक्ति की राय लेना चाहती थीं।
एक बार, जैष्ठदेवी (गरीबों की देवी) और लक्ष्मी जी (धन की देवी) के बीच यह चर्चा छिड़ गई कि कौन ज्यादा सुंदर है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों इसे सुलझाने के लिए धरती पर एक व्यक्ति की राय लेना चाहती थीं।
पतझड़ का मौसम अपने अंतिम चरण में था। जंगल के हर कोने में हलचल थी। सभी जानवर और कीड़े-मकोड़े सर्दियों के लिए अपने भोजन का भंडारण कर रहे थे। पक्षी पत्तियों से गिरे बीज उठा रहे थे,
एक घने जंगल में, दो उल्लू एक पुराने पेड़ की मोटी डाल पर आ बैठे। दोनों उल्लू अपने-अपने शिकार को पकड़े हुए थे। पहले उल्लू के मुँह में एक फुफकारता हुआ साँप था, जो उसके सुबह के नाश्ते के लिए लाया गया था।
जंगल का एक कोना हमेशा शांत रहता था। यहां ऊँचे-ऊँचे पेड़, मीठे झरने, और पक्षियों की चहचहाहट का साम्राज्य था। इसी जंगल में एक छोटी सी चींटी रहती थी, जिसका नाम मिठू था।
बाल कहानी: वरदान- रामनगर में एक पोखर था। वह बरसात के दिनों में खूब भर जाता था, लेकिन सर्दी और गरमी में सूखा रहता था। इस कारण सारी मछलियाँ पाताल लोक में चली जाती थीं।
ज्ञान का बंटवारा - किसी जमाने में जंगल के जानवर बेहद भोले-भाले और अज्ञानी थे। उन्हें न तो सही तरीके से अपना पेट भरने की समझ थी और न ही मुसीबत में अपनी जान बचाने की कला। शिकारियों के जाल में फंसकर वे अपनी जान गंवा बैठते थे।
बहुत समय पहले, एक छोटे से गाँव में राजा वीरेंद्र का शासन था। राजा वीरेंद्र अपने न्यायप्रिय और ईमानदारी के लिए प्रसिद्ध थे। एक दिन राजा ने घोषणा की कि वह अपने राज्य के लोगों में से किसी एक को अपना उत्तराधिकारी चुनेगा।