Moral Story: रूपयों से खुशियाँ नहीं आती
एक शहर में एक धनवान व्यक्ति रहता था। वह बहुत बड़ा व्यवसायी था और उसके पास किसी भी वस्तु की कमी नहीं थी लेकिन फिर भी वह हमेशा चिंतित और बेचैन रहता था। एक दिन वह एक गाँव में ऋषि से मिलने उनके आश्रम गया।
एक शहर में एक धनवान व्यक्ति रहता था। वह बहुत बड़ा व्यवसायी था और उसके पास किसी भी वस्तु की कमी नहीं थी लेकिन फिर भी वह हमेशा चिंतित और बेचैन रहता था। एक दिन वह एक गाँव में ऋषि से मिलने उनके आश्रम गया।
एक अमीर आदमी अपने बेटे की किसी बुरी आदत से बहुत पेरशान था। वह जब भी बेटे से आदत छोड़ने को कहता तो एक ही जवाब मिलता, ‘‘अभी मैं इतना छोटा हूं... धीरे-धीरे ये आदत छोड़ दूंगा"।
एक दिन एक आदमी टैक्सी से एयरपोर्ट जा रहा था। टैक्सी वाला कुछ गुनगुनाते हुए बड़े इत्मीनान से गाड़ी चला रहा था कि अचानक एक दूसरी कार पार्किंग से निकल कर रोड पर आ गई। टैक्सी वाले ने तेजी से ब्रेक लगाई।
एक बार भगवान बुद्ध अपने शिष्यों के साथ कहीं जा रहे थे। उनके प्रिय शिष्य आनंद ने भगवान बुद्ध से रास्ते में सवाल किया- भगवान ‘जीवन में पूर्ण रूप से शांति कभी भी नहीं मिल पाती। कुछ उपाय बताएं।
एक उच्च शिक्षा प्राप्त युवक एक बड़ी कम्पनी में नौकरी के लिये गया। वह पहले साक्षात्कार में सफल हो गया। कम्पनी के निर्देशक ने उसे अन्तिम साक्षात्कार के लिए बुलाया। युवक एक प्रतिभाशाली छात्र रहा था।
किसी दूर गाँव में एक धोबी रहता था। धोबी रोज़ लोगों के घर-घर जाता और लोगों के गंदे कपड़े धोने के लिए लेकर आता था। धोबी के पास एक गधा था जिस पर वो कपड़े लादकर लाया और ले जाया करता था।
एक राजा था, उसका एक बड़ा-सा राज्य था। एक दिन उसे देश घूमने का विचार आया और उसने देश भ्रमण की योजना बनाई और घूमने निकल पड़ा। जब वह यात्रा से लौट कर अपने महल आया।