मूर्ख चूहे का घमंड: एक सीख देने वाली कहानी
बहुत समय पहले की बात है। एक हरे-भरे जंगल में नागराज नामक एक सर्प रहता था। नागराज बहुत शक्तिशाली और बुद्धिमान था। उसने अपनी सुरक्षा के लिए जंगल के एक कोने में एक पहाड़ी के नीचे गहरा बिल बना रखा था।
बहुत समय पहले की बात है। एक हरे-भरे जंगल में नागराज नामक एक सर्प रहता था। नागराज बहुत शक्तिशाली और बुद्धिमान था। उसने अपनी सुरक्षा के लिए जंगल के एक कोने में एक पहाड़ी के नीचे गहरा बिल बना रखा था।
एक बार की बात है, एक घने जंगल में कई जानवर रहते थे। वहां का जीवन शांत और हरा-भरा था। उस जंगल में एक खरगोश "चिक्कू" और एक कछुआ "टोनी" बहुत अच्छे दोस्त थे। दोनों हर समय साथ रहते, साथ खाते-पीते और खेलते थे।
पतझड़ का मौसम अपने अंतिम चरण में था। जंगल के हर कोने में हलचल थी। सभी जानवर और कीड़े-मकोड़े सर्दियों के लिए अपने भोजन का भंडारण कर रहे थे। पक्षी पत्तियों से गिरे बीज उठा रहे थे,
एक घने जंगल में, दो उल्लू एक पुराने पेड़ की मोटी डाल पर आ बैठे। दोनों उल्लू अपने-अपने शिकार को पकड़े हुए थे। पहले उल्लू के मुँह में एक फुफकारता हुआ साँप था, जो उसके सुबह के नाश्ते के लिए लाया गया था।
जंगल का एक कोना हमेशा शांत रहता था। यहां ऊँचे-ऊँचे पेड़, मीठे झरने, और पक्षियों की चहचहाहट का साम्राज्य था। इसी जंगल में एक छोटी सी चींटी रहती थी, जिसका नाम मिठू था।
बच्चों आज हम आपको शेर और बकरी की एक कहानी सुनाते हैं। उस दिन जंगल के राजा शेर को कोई शिकार नहीं मिला। भूख के मारे वो जंगल से बाहर आ कर शिकार ढूंढने लगा।
एक घने जंगल में नागराज अपनी मणि के साथ सुखी जीवन बिता रहा था। वह मणि उसकी पहचान और ताकत का प्रतीक थी। हर रात जब वह शिकार के लिए निकलता, मणि उसकी शक्ति और आभा को बढ़ा देती।