कहानी: समुद्र किनारे की सीख
एक बार की बात है, एक केकड़ा समुद्र के किनारे अपनी मस्ती में चल रहा था। चलते-चलते वह अपने पैरों के निशानों को देखकर खुश हो रहा था। हर कदम पर उसके पैरों के निशान एक सुंदर डिज़ाइन बनाते जा रहे थे।
एक बार की बात है, एक केकड़ा समुद्र के किनारे अपनी मस्ती में चल रहा था। चलते-चलते वह अपने पैरों के निशानों को देखकर खुश हो रहा था। हर कदम पर उसके पैरों के निशान एक सुंदर डिज़ाइन बनाते जा रहे थे।
एक घने जंगल में रानी कोयल रहती थी, जिसकी मीठी आवाज़ पूरे जंगल में गूंजती थी। लेकिन, रानी कोयल अपने काले रंग को लेकर हमेशा दुखी रहती। वह अक्सर सोचती, "काश, मेरे पंख भी बुलबुल की तरह रंगीन होते, तो मैं भी सुंदर दिखती।
किसी जंगल में एक विशाल वृक्ष था, जहाँ बगुलों के कई परिवार रहते थे। उनका जीवन शांतिपूर्ण और सुखमय था। लेकिन, उसी पेड़ के एक कोटर में एक विषैला काला सांप भी रहता था।
एक घने जंगल में मोती नाम का एक बंदर रहता था। मोती बहुत चालाक और फुर्तीला था, लेकिन उसमें एक खामी थी—लालच। उसके लालच की वजह से जंगल के बाकी जानवर उससे दूर रहते थे।
जंगल में टिंकू नाम का एक शरारती खरगोश रहता था। टिंकू हमेशा अपनी शरारतों के लिए मशहूर था और नन्हे जानवरों को तंग करना उसकी आदत बन चुकी थी। एक दिन टिंकू ने मुर्गी के छोटे बच्चे को आवाज लगाई
एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव के पास एक गधा और एक मुर्गा रहते थे। दोनों अच्छे दोस्त थे और दिनभर खेतों में खेलते-कूदते और मस्ती करते थे। पास के जंगल में एक शेर भी रहता था, जिसे हमेशा नए शिकार की तलाश रहती थी।
बहुत समय पहले की बात है, जंगल में एक चतुर सियार रहता था। वह अपनी चालाकी के लिए मशहूर था। एक दिन सियार जंगल से निकल कर गाँव के तरफ चल दिया, वहां गाँव में अनजान जानवर को देख वहां के कुत्तों ने ऊपर हमला कर दिया