अंतरमन की शांति
एक समय की बात है, एक सेठ था जिसकी दौलत असीम थी, लेकिन उसकी आत्मा बेचैन थी। वह हर समय चिंतित और असंतुष्ट रहता। उसे किसी ने बताया कि पास के जंगल में एक प्रसिद्ध साधु रहते हैं
एक समय की बात है, एक सेठ था जिसकी दौलत असीम थी, लेकिन उसकी आत्मा बेचैन थी। वह हर समय चिंतित और असंतुष्ट रहता। उसे किसी ने बताया कि पास के जंगल में एक प्रसिद्ध साधु रहते हैं
बहुत समय पहले की बात है, एक व्यापारी राम अपने सामान को बाजार ले जाने के लिए अपने गधे का उपयोग करता था। गधा आलसी था और काम करने से हमेशा बचने की कोशिश करता।
बरसात का मौसम आने वाला था। एक छोटी सी चिड़िया अपने बच्चों के लिए आश्रय की तलाश में नदी किनारे पहुंची। वहां उसे दो पेड़ दिखाई दिए। चिड़िया ने पहले पेड़ से विनम्रता से कहा, "बरसात के दिनों में मेरे और मेरे बच्चों को आश्रय चाहिए।
एक बार की बात है, एक केकड़ा समुद्र के किनारे अपनी मस्ती में चल रहा था। चलते-चलते वह अपने पैरों के निशानों को देखकर खुश हो रहा था। हर कदम पर उसके पैरों के निशान एक सुंदर डिज़ाइन बनाते जा रहे थे।
एक दिन एक बाग में चीकू और सेब आपस में बहस कर रहे थे। दोनों अपनी-अपनी सुंदरता और गुणों को लेकर एक-दूसरे से श्रेष्ठ साबित करने में जुटे थे। चीख ने अपनी चमकदार त्वचा और मीठे रस का गुणगान किया,
एक घने जंगल में रानी कोयल रहती थी, जिसकी मीठी आवाज़ पूरे जंगल में गूंजती थी। लेकिन, रानी कोयल अपने काले रंग को लेकर हमेशा दुखी रहती। वह अक्सर सोचती, "काश, मेरे पंख भी बुलबुल की तरह रंगीन होते, तो मैं भी सुंदर दिखती।
किसी जंगल में एक विशाल वृक्ष था, जहाँ बगुलों के कई परिवार रहते थे। उनका जीवन शांतिपूर्ण और सुखमय था। लेकिन, उसी पेड़ के एक कोटर में एक विषैला काला सांप भी रहता था।