जंगल कहानी : बड़का हाथी और नन्हा मच्छर
एक बार की बात है, एक बड़ा हाथी और एक छोटा मच्छर था। हाथी बहुत बड़ा और मजबूत था, जबकि मच्छर बहुत छोटा और हल्का था। भले ही वे आकार में अलग-अलग थे, लेकिन उन दोनों में अपने-अपने खास गुण थे
एक बार की बात है, एक बड़ा हाथी और एक छोटा मच्छर था। हाथी बहुत बड़ा और मजबूत था, जबकि मच्छर बहुत छोटा और हल्का था। भले ही वे आकार में अलग-अलग थे, लेकिन उन दोनों में अपने-अपने खास गुण थे
एक बार की बात है, शहर के एक छोटे से मोहल्ले में सूरज नाम का एक नटखट लड़का रहता था। उसकी शरारतों से पूरा मोहल्ला परेशान रहता था, लेकिन सब उसे बहुत प्यार भी करते थे।
मोनू को एक चमकदार पत्थर मिला और वह उसे अपने दोस्तों को दिखाने के लिए दौड़ा। उसने कहा, "मेरे पास यह सुंदर पत्थर है!" उसके दोस्त वास्तव में प्रभावित हुए और उसे बताया कि यह कितना बढ़िया है।
यह कहानी "अहंकार का सबक-Story Lesson of Ego" एक व्यवसायी की है जिसने अपने कारोबार में खूब सफलता पाई और धन-संपत्ति अर्जित की। जैसे-जैसे उसका व्यापार बढ़ता गया
दीपावली का त्यौहार (Diwali Festival) आने वाला था। सभी के घरों में साफ-सफाई और सजावट का काम जोर-शोर से चल रहा था। बाजार रंग-बिरंगी लाइटों, मिठाइयों और खिलौनों से सज गए थे। हर तरफ खुशियों का माहौल था।
बहुत पुराने समय की बात है। एक राज्य था, जिसका राजा अहंकारी और घमंडी था। उसके पास विशाल दरबार, अनगिनत नौकर-चाकर और सभी प्रकार की राजसी सुख-सुविधाएँ थीं।
लोटपोट जंगल वन में एक मोरी नाम का एक सुंदर मोर और बबलू नाम का एक मज़ेदार बंदर था। वे बचपन से ही दोस्त थे, लेकिन वे एक-दूसरे से बहुत अलग थे। मोरी को नाचना और अपने रंग-बिरंगे पंख दिखाना बहुत पसंद था