दोस्ती की परीक्षा: सच्ची दोस्ती की असली पहचान
राजू और मोहन, दोनों पक्के दोस्त थे। उनकी दोस्ती पूरे मोहल्ले में मशहूर थी। दोनों साथ में स्कूल जाते, खेलते और पढ़ाई भी करते। एक दिन स्कूल में एक बड़ी प्रतियोगिता की घोषणा हुई
राजू और मोहन, दोनों पक्के दोस्त थे। उनकी दोस्ती पूरे मोहल्ले में मशहूर थी। दोनों साथ में स्कूल जाते, खेलते और पढ़ाई भी करते। एक दिन स्कूल में एक बड़ी प्रतियोगिता की घोषणा हुई
छोटे से गाँव में एक नन्हा लड़का, रवि, रहता था। वह बहुत चंचल था और पढ़ाई में मन नहीं लगाता था। स्कूल में वह हमेशा खेल-कूद में मग्न रहता और कभी भी होमवर्क पूरा नहीं करता। उसकी माँ बहुत चिंतित रहती थी कि रवि का भविष्य कैसा होगा।
शहर के एक छोटे से मोहल्ले में सोनू नाम का एक लड़का रहता था। सोनू को गैजेट्स और नई तकनीक से बहुत प्यार था। वह हमेशा अपने मोबाइल गेम्स और ऐप्स में ही व्यस्त रहता था, लेकिन स्कूल में मोबाइल ले जाना मना था
Motivational Stories | Moral Stories- शाम का वक्त था। अजय अपनी 12 साल की बेटी, रिया, के साथ पार्क में बैठा था। रिया का चेहरा उदास था। पिता ने उसकी आँखों में आंसू देखे और धीरे से पूछा, "क्या हुआ, बेटा?
बाल कहानी : हाथों का मूल्य - यह गर्मियों की एक दोपहर की बात है जब स्कूल की छुट्टी के बाद रमेश अपने घर लौट रहा था। हैडमास्टर होने के कारण, वह स्कूल से सबसे आखिरी में निकलता था।
यह कहानी सुधीर और राजेश के माध्यम से हमें बताती है कि जीवन में फिजूलखर्ची और कंजूसी के बीच सही संतुलन कैसे बनाए रखा जाए। बूढ़े बाबा का दृष्टांत हमें यह समझने में मदद करता है
झील के किनारे पर्वत की तलहटी में एक गांव था। गांव के निवासी खेती करते थे, कुछ भेड़ें पालते थे, और कुछ कपड़े, जूते, मिट्टी के बर्तन, खुर्पा आदि बनाते थे। सभी में परस्पर बहुत प्रेम था, और कोई भी खुशी या
आश्रम के एक गुरु अपने कुछ शिष्यों को लेकर नदी किनारे पहुंचे। नदी में पानी सूखा हुआ था, जिससे चट्टानें दिखाई दे रही थीं। शिष्यों ने पहली बार इतनी बड़ी चट्टानें देखी थीं