Fun Story: एक यूनियन का किस्सा
टिंकू की मम्मी अपनी बहन से मिलने करोल बाग गई हुई थीं इस लिये घर पांच घण्टे के लिये पूरी तरह टिंकू के कब्जे में था। बड़े मियां घर नहीं हमे किसी का डर नहीं। टिंकू के घर में बच्चों की एक गुप्त मीटिंग हो रही थी।
टिंकू की मम्मी अपनी बहन से मिलने करोल बाग गई हुई थीं इस लिये घर पांच घण्टे के लिये पूरी तरह टिंकू के कब्जे में था। बड़े मियां घर नहीं हमे किसी का डर नहीं। टिंकू के घर में बच्चों की एक गुप्त मीटिंग हो रही थी।
क्लास-टीचर गोविन्द सहाय ने कक्षा में कदम रखा। रजिस्टर खोलने से पहले उन्होंने घोषणा की- ‘‘तुम्हें याद ही होगा कि प्रधानमंत्री और विरोधी दल के नेता में जूते चल जाने के कारण प्रिंसीपल ने स्कूल की संसद भंग कर दी थी।
‘‘हाय रे भगवान! मुझ पर इतना बड़ा क्रोध! तुमने मुझे कितना बड़ा धोखा दिया। सुबह-शाम तेरी माला जपती थी। कुछ गलत काम नहीं करती थी। गजराज हाथी दादा के पास जाकर उपदेश सुनती थी, फिर भी तुम ने मेरे साथ ऐसा क्यों किया।’’
एक बार एक किसान अपनी पत्नी व इकलौती लड़की के साथ गांव में रहता था। एक दिन एक नौजवान आया और उस ने किसान से कहा, कि मैं आपकी बेटी से विवाह करना चाहता हूँ किसान और उसकी पत्नी बहुत खुश हुए।
सुबह न जाने किस का मुंह देख कर उठा था कि मुझे अपने एक मित्र ऐहसान साहब का मैसेज मिला की उनके साले किसी काम से तुम्हारे शहर में आ रहे हैं, तुम्हारे यहाँ ठहरेंगे।
एक किसान था, इस बार वह फसल कम होने की वजह से चिंतित था। घर में राशन ग्यारह महीने चल सके उतना ही था। बाकी एक महीने के राशन का कहां से इंतजाम होगा। यह चिन्ता उसे बार बार सता रही थी।
शनिवार के दिन बच्चों का स्कूल सुबह का रहता है। सुभाष, मफत और किरण सारे बच्चों को सवेरे जल्दी ही उठना पड़ता है। उस दिन भी सुभाष और मफत स्कूल जाने की तैयारी में व्यस्त थे।