हिंदी प्रेरक कहानी: असली पूजा
Web Stories: धनिया एक गरीब बच्चा था। न उसके पास रहने को घर था और न पहनने को वस्त्र। दिन भर वह कालोनी के लोगों के छोटे-मोटे काम करता था और जो कुछ रूखा-सूखा मिलता था
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Web Stories: जंगल में दो प्रकार के जानवर थे। शेर-चीता आदि मासांहारी थे, हिरण, नीलगाय, खरगोश, कछुआ आदि शाकाहारी वन्य प्राणी थे। दोनों वर्गों के प्राणी एक दूसरे से अलग
Web Stories: कितनी बार कहा है कि केले खाकर छिलके सड़क पर न फेंका कर पर तू है कि एक कान से सुनी और दूसरी कान से निकाल दी। मां ने नीटू को डांटते हुए कहा। अव्वल दर्जे का
Web Stories: विजय अपने माता-पिता के साथ सुजानगढ़ में रहता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह बहुत शरारती था। पढ़ने से वह हमेशा जी चुराता था। पढ़ाई की वजह से वह
Web Stories: एक पौधा जो प्राकृतिक कठिनाइयों और मानव उपेक्षा से जूझ रहा था, अब एक विशाल पेड़ बन चुका है। जानिए पेड़ की संघर्ष की कहानी, जो यह सिखाती है कि हमें अपने
किसी गांव में डिसिल्वा, फ्रांसिस, लोबो और जॉन नाम के चार दोस्त रहा करते थे। ये चारों एक ही कक्षा में पढ़ते थे और साथ-साथ गांव के पास के स्कूल में जाते थे।
एक पहाड़ी पर उगा एक पौधा, जो पहले चिड़िया की कोशिशों और प्राकृतिक बाधाओं के कारण छोटा रह गया था, अब बड़े पेड़ के रूप में समृद्धि का प्रतीक बन गया है। यह कहानी पेड़ की संघर्ष और मानवता की समझदारी की यात्रा को दर्शाती है।