Jungle story: कोयल की मीठी बोली
किसी पहाड़ी के समीप हरे-भरे वृक्षों वाला उपवन था। उपवन में पोखर था। पोखर में एक मेंढक रहा करता था। वह पोखर भर में खूब चहलकदमी करता। उपवन की हरियाली उसे बेहद भाती थी।
किसी पहाड़ी के समीप हरे-भरे वृक्षों वाला उपवन था। उपवन में पोखर था। पोखर में एक मेंढक रहा करता था। वह पोखर भर में खूब चहलकदमी करता। उपवन की हरियाली उसे बेहद भाती थी।
रजत का मन पढ़ने लिखने में कम खेलने में ज्यादा लगता था। उसके सहपाठी परीक्षा में जहां बहुत अच्छे नंबरों से पास होते थे, वहीं रजत किसी तरह पास करता था। उसकी पोजिशन सबसे अंत में आती थी।
श्यामपुर के वैद्य जगन्नाथ जी एक माने हुए वैद्य थे। स्वयं की बनाई दवाईयों से वह लोगों की शारीरिक समस्याओं को बिल्कुल दूर कर देते थे और गए से गए रोगियों के रोग दूर करके उन्हें तुरन्त खड़ा कर देते थे।
बहुत पुरानी बात है। गाजीपुर रियासत में अहमद नाम का एक व्यक्ति रहता था। अहमद बेहद सच्चा और ईमानदार था। इसलिए पूरे गाजीपुर में सभी उसकी इज्जत करते थे। एक बार अहमद को किसी काम से बाहर जाना पड़ा।
एक राजा था, राजा का नाम था वीरभद्र। राजा वीरभद्र के चार पुत्र थे। चारों राजकुमार बहुत होनहार थे। समय बीतने के साथ-साथ राजा भी वृद्ध हो चला। एक दिन वह मंत्री को बुला कर बोला "महामंत्री, मैं तो अब बूढ़ा हो चला हूं।
एक था सियार। बेहद कामचोर और आलसी। दिन भर अपनी मांद में पड़ा रहता था। उसकी पत्नी भी उससे परेशान थी। बच्चों के लिए खाना उसे ही लाना पड़ता था। लेकिन ऐसे कितने दिनों तक चलता।
किसी जमाने में एक गरीब आदमी अपना खेत जोत रहा था। कि उसके हल की फल किसी कठोर चीज से टकरायी। उस व्यक्ति ने बैलों को रोक दिया और यह देखने के लिए झुका कि वह कया चीज है। चीज देख कर वह अचम्भे में पड़ गया।