Moral Stories : दयालुता का फल
Web Stories बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से राज्य में एक निर्दयी मालिक और उसका गुलाम रहते थे। मालिक इतना क्रूर था कि वह अपने गुलाम को दिन-रात काम करवाता और उसे
Web Stories बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से राज्य में एक निर्दयी मालिक और उसका गुलाम रहते थे। मालिक इतना क्रूर था कि वह अपने गुलाम को दिन-रात काम करवाता और उसे
बंटी एक चतुर और साहसी लड़का था। उसे पहेलियाँ सुलझाने और नई चीजें जानने का बहुत शौक था। वह हमेशा अपने दोस्तों के साथ खेलता और सोचता रहता कि कैसे किसी भी सवाल का जवाब जल्दी से खोजा जाए।
यों तो आठवीं कक्षा के सभी बच्चे एक से बढ़कर एक थे, जिसे देखों कोई न कोई शरारत करता रहता था, पर अतुल तो पूरी कक्षा में पहले स्थान पर आता था ।
एक बार, जैष्ठदेवी (गरीबों की देवी) और लक्ष्मी जी (धन की देवी) के बीच यह चर्चा छिड़ गई कि कौन ज्यादा सुंदर है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों इसे सुलझाने के लिए धरती पर एक व्यक्ति की राय लेना चाहती थीं।
एक दिन राजा हरिकेश को पास के राज्य से रात्रिभोज का न्योता मिला। राजा ने यह सोचकर न्योता अस्वीकार कर दिया कि पड़ोसी राज्य के लोग विदेशी हैं और उनके इस निमंत्रण के पीछे कोई गलत इरादा हो सकता है।
बाल कहानी: वरदान- रामनगर में एक पोखर था। वह बरसात के दिनों में खूब भर जाता था, लेकिन सर्दी और गरमी में सूखा रहता था। इस कारण सारी मछलियाँ पाताल लोक में चली जाती थीं।
बहुत समय पहले, एक छोटे से गाँव में राजा वीरेंद्र का शासन था। राजा वीरेंद्र अपने न्यायप्रिय और ईमानदारी के लिए प्रसिद्ध थे। एक दिन राजा ने घोषणा की कि वह अपने राज्य के लोगों में से किसी एक को अपना उत्तराधिकारी चुनेगा।