Fun Story: सिम्मी का नया पालतू पशु
सिम्मी की माँ पिछले एक हफ्ते से सिम्मी को लेकर काफी चिंतित थी क्योंकि उनका पालतू पशु टॉमी एक हफ्ते पहले खो गया था और उनकी बेटी सिम्मी उस सदमे से अभी तक उभरी नहीं थी।
सिम्मी की माँ पिछले एक हफ्ते से सिम्मी को लेकर काफी चिंतित थी क्योंकि उनका पालतू पशु टॉमी एक हफ्ते पहले खो गया था और उनकी बेटी सिम्मी उस सदमे से अभी तक उभरी नहीं थी।
एक नगर का राजा, जिसे ईश्वर ने सब कुछ दिया, पर फिर भी दुःखी रहता था। एक बार वो घुमते घुमते एक छोटे से गाँव में पहुँचा जहाँ उसे एक मिट्टी के बर्तन बनाने वाला व्यक्ति दिखाई दिया।
एक समय की बात है, एक राजा था जो बीमार था। उसके राज्य के सभी डॉक्टरों और बाहर के राज्य के डॉक्टरों के पास उनकी बीमारी का कोई ईलाज नहीं था। डॉक्टर उन्हें ठीक नहीं कर पा रहे थे।
बंगाल के एक विद्यालय में देशभक्त मास्टर सूर्यसेन अध्यापक थे। वार्षिक परीक्षा में जिस कक्षा में उनकी ड्यूटी लगी थी, वहां विद्यालय के प्रिंसीपल का बेटा भी परीक्षा दे रहा था।
सर्दियों में एक दिन, एक टिड्डा सूरज में धूप सेंक रहा था। लेकिन वह भूखा था, क्योंकि उसने रात से कुछ नहीं खाया था। इसलिए अपनी भूख मिटाने के लिए वह कुछ खाने का सामान इधर उधर ढूंढ रहा था।
उस समय बहुत ज़ोर की बर्फबारी हुई थी। राहुल और ईशा शहर में अपनी दादी से मिलने जा रहे थे और वहां पर उन्हें पूरा दिन उनके साथ बिताना था। जब वह सोने के लिए पलंग पर जा रहे थे तब भी बर्फ पड़ रही थी।
सर्दियों की एक दोपहर में एक छोटा लड़का नदी के पास के नीम के पेड़ के नीचे बैठा था। वह स्कूल से वापिस आया था और उसकी कमर में एक बड़ा बैग था। वह लड़का बहुत उदास था।